December 20, 2024
शेयर बाजार में बड़ा क्रेश आने की सम्भावना, जानें क्या हो सकते हैं कारण
मुम्बई। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से शेयर बाजार में लगातार गिरावट होती जा रही है, उस से इन्वेस्टर्स के होश फाख्ता होते जा रहे है। धीरे-धीरे शेयर बाजार में नीचे के लेवल टूटते जा रहे हैं। भारतीय बाजारों में गिरावट के बहुत से कारण हैं, जिनमें से हम कुछ पर चर्चा करेंगे। जब भी इस तरह के बड़े इवेंट होते हैं तो शेयर बाजार में बहुत बड़ी तेजी या बहुत बड़ी गिरावट होने की संभावना होती है और अगर रेशो की बात करें तो अक्सर गिरावट का रेशो का हमेशा बड़ा ही रहता है। कभी कभार तेजी भी हो जाती है।
यहां ऐसे ही हम बड़े इवेंट्स की बात करने वाले हैं, जो आगामी एक से दो महीने में घटित हो सकते हैं। हम डेट-वाइज चर्चा करने वाले हैं ऐसे ट्रिगर प्वाईंटस की, जो बुल्स और बीयर की तगड़ी लड़ाई करवा सकते हैं। जिसके चलते मार्किट में बम्पर तेजी आएगी या बड़ी गिरावट।
21 दिसम्बर 2024 - भारतीय बाजारों केे लिए यह तारीख बड़ा मायने रखने वाला है, जो कि इम्पोरटेंट ट्रिगर प्वाइंट हो सकता है। 21 दिसम्बर को शनिवार होने के कारण भारतीय शेयर बाजार तो बन्द रहने वाला है, जिसका इफेक्ट डायरेक्ट सोमवार को दिखेगा। क्योंकि इस दिन जी.एस.टी. कौंसिल की बैठक होने वाली है। इस बैठक में इंश्योरेंट सैक्टर, 35 प्रतिशत के एक ओर नए टैक्स, यूज कार की सेल-परचेज सहित 150-200 आईटमों पर टैक्स लगाने या हटाने बारे जीएसटी कौंसिल के पास सिफारिशें जा चुकी हैं। इनमें से कितनी सिफारिशों पर सरकार फैसला ले सकती है। इन सब का रिएक्शन सोमवार को मार्किट खुलने के बाद ही पता चलेगा।
25 दिसम्बर 2024- दिसम्बर के आखिरी सप्ताह में सैंटा रैली आने वाली है। यह सैंटा रैली मार्किट का मूड-माहौल को बदलने का पूरा दमखम रखती है। अगर हम पिछले कई सालों का रिकार्ड उठाकर देखें तो हमें पता चलता है कि अक्सर यह सैंटा रैली बुल्स के फेवर में ही होती है।
जॉब लैस क्लेम डाटा - वीरवार को जॉब-लैस क्लेम का डाटा देखने को मिलता है। वह भी मार्किट के मूड को बदल सकता है।
1 जनवरी 2025 - अगले नए साल के पहले हफ्ते से ही ऑटो कंपनियों के सेल्स के डाटा रिलीज होते हैं, यह भी बहुत बड़ा ट्रिगर प्वाईंट होता है। जो मार्किट का मूड माहौल अच्छा या खराब कर सकते हैं। इसके अलावा अन्य कंपनियों के क्वार्टर-3 के फाईनानशियल नतीजें आने वाले हैं। क्वार्टर-2 के नतीजे तो पहले ही खराब देखने को मिल चुके हैं, जिसके चलते भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। वैसे कुछ कंपनियों ने भी कुछ समय से कहना शुरू कर दिया है कि क्वार्टर-3 के नतीजों से ज्यादा उम्मीदें ना रखना, बल्कि कुछ कंपनियों ने तो यहां तक भी कहना शुरू कर दिया है कि रिजल्ट बेहतर नहीं आने वाले हैं। इसके अलावा इन्फलेशन का डाटा, जीडीपी का डाटा, जो कि 12 से 18 जनवरी के बीच आएगा, इस पर भी पूरा फोकस रखना होगा। अमेरिका में भी इन्फलेशन का डाटा, जीडीपी का डाटा देखने को मिलेगा। इसके अलावा कुछ अन-वाटेंड इवेंट भी होते रहते हैं, जिसकी पहले से भविष्यवाणी नहीं की जा सकती जैसे कोई महामारी आ गई, युद्ध की स्थिति बन गई आदि।
20 जनवरी 2025 - इस दिन डोनाल्ड जॉन ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठेंगे। अभी तो जो-बाईडेन राष्ट्रपति के रूप में देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने अपने बयानों से पूरी दुनिया को असमंजस में डाल रखा है। जिसके चलते पूरे दुनिया के बाजारों का बुरा हाल हो चुका है। मिस्टर ट्रम्प की ताजपोशी के बाद क्या हालात होंगे, यह तो देखने की बात रहेगी। मिस्टर ट्रम्प ने भी अपने भाषणों से पूरी दुनिया को डरा रखा है।
1 फरवरी 2025 - बजट का दिन शेयर बाजार के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। चाहे फिर 1 फरवरी के दिन शनिवार हो या रविवार, शेयर बाजार को चलाया जाता है। लोग उम्मीद लगा कर बैठे रहते हैं कि वित्त मंत्री क्या घोषणाएं करती हैं, किन चीजों पर टैक्स लगाना या हटाना, किस सैक्टर को कितना फण्ड अलॉट किया गया। बजट वाले दिन लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान सरकारी कम्पनियों पर होता है। जैसे आपने देखा होगा कि पिछले बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर साढ़े 12 प्रतिशत कर दिया, इसी के साथ-साथ एलटीसीजी में टैक्स एजेग्पशन की लिमिट एक लाख से बढ़ाकर 1.25 लाख कर दी। इसके अलावा शार्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स को सीधा-सीधा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया। जिस कारण शेयर बाजार में बहुत बड़ा तूफान देखने को मिला और सब तरफ लाल ही लाल रंग देखने को मिला और लोगों को लाखों करोड़ रुपयों का घाटा लगा। बाद में थोड़ी बहुत रिकवरी भी आई थी।
7 फरवरी 2025 - इस दिन आर.बी.आई. की बहुत ही महत्वपूर्ण एम.पी.सी. की बैठक होने वाली है। परंतु यह बैठक नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में होगी क्योंकि पूर्व में शशीकान्ता दास ने गवर्नर के पद से रिटायर हो गए थे और सरकार द्वारा उनका कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया गया है। इस बैठक से पूर्व में आने वाले इन्फलेशन व जीडीपी के डाटा को देखते हुए नए गवर्नर क्या फैसला लेते हैं, यह देखने वाली बात रहेगी। वो रेट कट करते हैं या नहीं। और यह भी हो सकता है कि श्री मल्होत्रा पूर्व गवर्नर के फैसलों को बदलेंगे या नहीं।
दिल्ली आम चुनाव 2025 - आने वाले फरवरी 2025 में दिल्ली में चुनाव करवाए जाएंगे, जो कि शेयर बाजार का मूड-माहौल खराब भी कर सकता है और शेयर बाजार रॉकेट भी हो सकता है। हालांकि अभी दिल्ली चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है परंतु जैसे कि चर्चा चल रही है कि दिल्ली चुनाव फरवरी में ही करवाए जाएंगे।
इन सब की-प्वाईंट के चलते शेयर की बाजार दिशा और दशा क्या होने वाली है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल कुछ दिनों से बीयर ही मार्किट को नीचे की ओर धकेलते हुए चले जा रहें हैं और एफपीआई-एफआईआई भारतीय शेयर बाजारों से अपना माल बेचते जा रहे हैं। भारतीय रुपये में जिस तरह से गिरावट होते जा रही है, इससे लगता है कि एक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत जल्द ही 100 के पार हो जाएगी।