January 03, 2026 Hydrogen Train Update: इतिहास रचने को तैयार हरियाणा! जींद पहुंची देश की पहली 'हाइड्रोजन ट्रेन'

जींद (हरियाणा) | Media Jagat News Desk ✍️

साल 2026 की शुरुआत भारतीय रेलवे और हरियाणा के लिए ऐतिहासिक होने जा रही है। डीजल और बिजली के बाद अब भारतीय पटरियों पर 'पानी और गैस' से ट्रेन दौड़ाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) का रैक जींद रेलवे जंक्शन पहुंच चुका है।

जींद से सोनीपत (Jind to Sonipat) रूट पर चलने वाली यह ट्रेन न केवल रफ्तार में बेमिसाल होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह दुनिया के लिए एक मिसाल बनेगी।

🚆 कब से शुरू होगा सफर? (Trial Date)

सूत्रों और रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह ट्रेन 21 जनवरी से ट्रैक पर उतर सकती है, जबकि इसका आधिकारिक ट्रायल रन गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी 2026 के आसपास शुरू होने की संभावना है। जींद स्टेशन पर स्पेन की कंपनी के सहयोग से देश का सबसे बड़ा 'हाइड्रोजन प्लांट' भी तैयार है, जहां से ट्रेन में ईंधन भरा जाएगा।

💧 धुएं की जगह छोड़ेगी पानी (Eco-Friendly Technology)

इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका इंजन है।

  • आम ट्रेनों की तरह यह काला धुआं नहीं छोड़ती।

  • हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक के कारण इसके साइलेंसर से सिर्फ भाप और पानी निकलेगा।

  • यह ट्रेन पूरी तरह से आवाज रहित (Noiseless) होगी, जिससे यात्रियों को एक शांत और आरामदायक सफर मिलेगा।

🚀 140 किमी/घंटा की रफ्तार (Speed & Power)

रफ्तार के मामले में यह किसी से कम नहीं है।

  • यह ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से जींद-सोनीपत के 90 किलोमीटर के रूट को कवर करेगी।

  • इसमें 8 पैसेंजर कोच और 2 पावर कार लगाई गई हैं।

  • चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में बने ये कोच बेहद आधुनिक और सुरक्षित हैं।

🔋 1 किलो हाइड्रोजन = 4.5 लीटर डीजल (Mileage)

यह ट्रेन डीजल इंजनों का एक सस्ता और बेहतर विकल्प है।

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ट्रेन 1 किलो हाइड्रोजन में 4.5 लीटर डीजल के बराबर माइलेज देगी।

  • ट्रेन में लगी लिथियम आयन बैटरी और सुपर कैपेसिटर इसे हाइब्रिड पावर देते हैं।

  • दिलचस्प आंकड़ा यह है कि 9 किलो पानी से बनी हाइड्रोजन से यह ट्रेन 1 किलोमीटर तक दौड़ सकती है।

🚧 जींद बना ग्रीन एनर्जी का हब

जींद में लगा 1.5 मेगावाट का हाइड्रोजन प्लांट 24 घंटे काम करेगा। ट्रेन में एक बार में 3,000 किलो हाइड्रोजन और 7,000 किलो से ज्यादा ऑक्सीजन स्टोर करने की क्षमता है। एक बार फुल टैंक होने पर यह इलेक्ट्रिक ट्रेन के मुकाबले 10 गुना ज्यादा दूरी तय कर सकती है।


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