December 26, 2025 अजीबोगरीब फरमान: हरियाणा में अब बच्चों को पढ़ाने के साथ 'कुत्तों की निगरानी' भी करेंगे टीचर! UGC के आदेश पर भड़का शिक्षक संघ

चंडीगढ़/हरियाणा डेस्क| Media Jagat Education News

Haryana Strange News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों के लिए एक ऐसा आदेश आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। अब गुरुजी का काम सिर्फ बच्चों को ककहरा सिखाना या सिलेबस पूरा कराना नहीं, बल्कि 'आवारा कुत्तों' (Stray Dogs) पर नजर रखना भी होगा।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और शिक्षा निदेशालय ने हरियाणा के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नए निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

क्या है नया आदेश? (What is the New Order)

आदेशों के मुताबिक, आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और खतरे को देखते हुए हर स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में अब एक 'नोडल अधिकारी' (Nodal Officer) नियुक्त किया जाएगा। और यह अधिकारी कोई और नहीं, बल्कि उसी संस्थान का कोई प्रोफेसर या शिक्षक होगा।

  • जिम्मेदारी: नियुक्त किए गए शिक्षक को कैंपस में आवारा कुत्तों की निगरानी करनी होगी और जोखिम की स्थिति में तुरंत नगर निगम या स्थानीय प्रशासन को रिपोर्ट करनी होगी।

  • पोस्टर भी लगेंगे: स्कूल/कॉलेज परिसर में उस टीचर (नोडल अधिकारी) का नाम, पद और मोबाइल नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि कोई भी कुत्तों की शिकायत उनसे कर सके।

  • डेडलाइन: रोहतक के एमडीयू (MDU), हिसार, कैथल समेत कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों को आदेश भेजकर शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट तलब की गई है।

शिक्षक संघ ने कहा- "हम पढ़ाएं या कुत्ते भगाएं?" 😤

इस तुगलकी फरमान के बाद हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (HASLA) ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने सरकार को दो टूक जवाब दिया है।

  1. पहले ही बोझ तले दबे शिक्षक: सिंधु का कहना है कि शिक्षक पहले ही पढ़ाई के अलावा 20 से ज्यादा गैर-शैक्षणिक कार्य (जैसे चुनाव ड्यूटी, सर्वे, परिवार पहचान पत्र आदि) कर रहे हैं। अब कुत्तों की निगरानी का काम सौंपना पूरी तरह अनुचित है।

  2. नगर निगम का काम हम क्यों करें?: संघ का तर्क है कि आवारा पशुओं को पकड़ना या नियंत्रित करना नगर निगम और पशुपालन विभाग का काम है। इसे शिक्षकों पर थोपने से स्कूलों का शैक्षणिक माहौल खराब होगा।

हसला की चेतावनी: शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि इस आदेश को तुरंत रद्द किया जाए, वरना वे इसका कड़ा विरोध करेंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आदेश

जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने मजे लेने शुरू कर दिए हैं। कोई इसे शिक्षा व्यवस्था का मजाक बता रहा है, तो कोई पूछ रहा है कि "क्या अब B.Ed में 'Dog Management' भी पढ़ाया जाएगा?"

About Us - Media Jagat Welcome to About Us इन्टरनेट, ऐसा साधन, जिसने संसार को इतना छोटा कर दिया कि वह एक जेब में समां जाए और इतना व्यापक भी कि दिमाग के द्वार परत-दर-परत खुल जाए। इन्टरनेट जगत में इसी व्यापकता को संजोए नवीनतम रूप में प्रस्तुत है मीडियाजगत...

Tags

Quick Links

© All Rights Reserved | Developed by Alorina Infotech