January 04, 2026
HC का ऐतिहासिक फैसला: अब 40% दिव्यांगता वाले सरकारी कर्मचारी भी होंगे वाहन भत्ते के हकदार
चंडीगढ़ | Media Jagat News Desk 
सरकारी नौकरी कर रहे दिव्यांग कर्मचारियों (Divyang Employees) के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ कर दिया है कि अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी सरकारी कर्मचारी 'वाहन भत्ते' (Vehicle Allowance) पाने के पूरी तरह हकदार होंगे। 

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सरकार के उन सेवा नियमों पर स्थिति स्पष्ट की है, जिनकी वजह से कई कर्मचारी इस जरूरी लाभ से वंचित हो रहे थे।
क्या था पूरा मामला? 
दरअसल, यह मामला तब अदालत पहुंचा जब लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत एक कर्मचारी को वाहन भत्ता देने से इनकार कर दिया गया। विभाग का तर्क था कि कर्मचारी की दिव्यांगता 40 प्रतिशत है, जबकि वाहन भत्ता प्राप्त करने के लिए दिव्यांगता 50 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए।
याचिकाकर्ता कर्मचारी 40 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता (Locomotor Disability) से पीड़ित है और उसके पास इसका वैध प्रमाण पत्र भी मौजूद था। विभाग के इनकार के बाद उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हाई कोर्ट ने सरकार की दलील को किया खारिज 
मामले की सुनवाई जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने 'हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारियों को भत्ते) नियम, 2016' का गहराई से अध्ययन किया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा कि केंद्र सरकार के दिव्यांगता कानूनों और मानकों के तहत 40 प्रतिशत दिव्यांगता को एक स्टैंडर्ड बेंचमार्क माना गया है।
कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार अपनी मर्जी से इस सीमा को बढ़ाकर (जैसे 50% करके) कर्मचारियों को लाभ से वंचित नहीं कर सकती है।
बेंच ने आदेश दिया कि 40% दिव्यांगता का प्रमाण पत्र रखने वाले कर्मचारी को वाहन भत्ते का लाभ दिया जाए।
इस फैसले के बाद अब उन हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलेगा जिन्हें 50 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने के कारण वाहन भत्ता नहीं मिल पा रहा था।
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