December 25, 2025
हरियाणा ब्यूरोक्रेसी में बड़ा वैक्यूम! 2026 में रिटायर होंगे 13 दिग्गज IAS अफसर, मुख्य सचिव से लेकर CM के प्रधान सचिव तक शामिल, बढ़ेगा संकट
चंडीगढ़/हरियाणा | Media Jagat News Desk
Haryana IAS News: हरियाणा में पहले से ही अधिकारियों की कमी से जूझ रही सरकार के लिए आने वाला साल 2026 नई प्रशासनिक चुनौतियां लेकर आ रहा है। नए साल में प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) के बड़े स्तंभ माने जाने वाले 13 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (IAS Officers) सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
इस लिस्ट में प्रदेश के मुख्य सचिव (Chief Secretary) से लेकर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायर होने से प्रशासनिक कामकाज पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वर्ष 2026 में जो अधिकारी रिटायरमेंट की कतार में हैं, उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं:
अनुराग रस्तोगी (Anurag Rastogi): वर्तमान मुख्य सचिव, जिन्हें पहले ही सेवा विस्तार मिला हुआ है।
अरुण कुमार गुप्ता (Arun Kumar Gupta): जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सुधीर राजपाल (Sudhir Rajpal): वरिष्ठ आईएएस अधिकारी।
राजा शेखर वुंडरू: अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी।
अभिलक्ष लिखी: जो अभी केंद्र सरकार में सचिव के पद पर हैं।
डी. सुरेश: प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी।
रमेश चंद्र बिधान: 2005 बैच के आईएएस, जो इसी साल 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं।
हरियाणा में आईएएस कैडर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति स्पष्ट होती है:
हालात यह हैं कि अभी भी राज्य में 42 पद खाली पड़े हैं। हाल ही में 6 नए आईएएस अधिकारियों की जॉइनिंग हुई है, लेकिन 13 पुराने और अनुभवी अधिकारियों के जाने से यह गैप और गहरा हो जाएगा।
अधिकारियों की कमी का असर यह है कि कई सीनियर आईएएस अधिकारियों को एक साथ तीन से चार विभागों का प्रभार संभालना पड़ रहा है। काम का बोझ कम करने के लिए सरकार ने फिलहाल आईपीएस (IPS), आईएफएस (IFS) और आईआरएस (IRS) अधिकारियों को भी आईएएस कैडर वाले पदों पर तैनात किया हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस संकट से निपटने के लिए एचसीएस (HCS) अधिकारियों को पदोन्नत कर आईएएस बनाने की प्रक्रिया में तेजी लानी होगी, हालांकि पदोन्नति कोटे के भी कई पद अभी रिक्त हैं।