नई दिल्ली/अहमदाबाद (मीडिया जगत ब्यूरो): सीमेंट, पावर, पोर्ट्स और मीडिया सेक्टर में अपना परचम लहराने के बाद, एशिया के दिग्गज कारोबारी गौतम अडाणी (Gautam Adani) अब एक और बड़े 'युद्ध के मैदान' में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। यह मैदान है— टेलीकॉम इंडस्ट्री (Telecom Industry) का।
सोशल मीडिया से लेकर शेयर बाजार तक, चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अडाणी ग्रुप जल्द ही टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा धमाका कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो देश में पहले से जमे हुए दो बड़े खिलाड़ियों— रिलायंस जियो (Jio) और भारती एयरटेल (Airtel) के लिए यह किसी खतरे की घंटी से कम नहीं होगा। 
यूनिफाइड लाइसेंस: एंट्री का ट्रेलर?
मीडिया रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की मानें तो अडाणी ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी 'अडाणी डेटा नेटवर्क्स' (ADNL) को भारत सरकार से 'यूनिफाइड लाइसेंस' (Unified License) मिलने की खबरे हैं। आसान भाषा में समझें तो, किसी भी कंपनी को भारत में टेलीकॉम सर्विस देने के लिए इसी लाइसेंस की जरूरत होती है। इसे अडाणी की टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री का 'ट्रेलर' माना जा रहा है।
212 करोड़ का दांव और 5G की तैयारी
अडाणी ग्रुप की मंशा को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। हाल ही में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी में अडाणी डेटा नेटवर्क्स ने सबको चौंकाते हुए हिस्सा लिया था।
कंपनी ने ₹212 करोड़ खर्च करके 20 साल के लिए 400 मेगाहर्ट्ज (MHz) का 5G स्पेक्ट्रम खरीदा है।
हालांकि, कंपनी ने तब कहा था कि इसका इस्तेमाल उनके 'प्राइवेट नेटवर्क', डेटा सेंटर और 'सुपर ऐप' के लिए होगा।
लेकिन, विश्लेषकों का मानना है कि यूनिफाइड लाइसेंस मिलने के बाद यह 'प्राइवेट' नेटवर्क कभी भी 'पब्लिक' सर्विस में बदल सकता है।
Adani vs Ambani: क्या छिड़ेगी प्राइस वॉर?
भारतीय टेलीकॉम बाजार में फिलहाल Jio और Airtel का एकतरफा राज (Duopoly) है। Vodafone Idea (Vi) अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में अगर अडाणी ग्रुप एक आक्रामक रणनीति के साथ उतरता है, तो ग्राहकों की बल्ले-बल्ले हो सकती है।
ग्राहकों को फायदा: याद कीजिए जब जियो आया था, तो डेटा और कॉलिंग कैसे फ्री हो गई थी। अडाणी के आने से एक बार फिर डेटा सस्ता हो सकता है।
शेयर बाजार पर असर: अगर अडाणी ग्रुप आधिकारिक घोषणा करता है, तो उनकी फ्लैगशिप कंपनी 'अडाणी एंटरप्राइजेज' के शेयरों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष: भविष्य के गर्भ में बड़ा फैसला
फिलहाल, यह पूरी तरह अडाणी ग्रुप पर निर्भर करता है कि वे कंज्यूमर मोबाइल सर्विस (Consumer Mobile Service) शुरू करते हैं या नहीं। लेकिन अडाणी का इतिहास गवाह है— वे जिस सेक्टर में उतरते हैं, वहां नंबर-1 या नंबर-2 बनने के लिए ही खेलते हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या हमें आने वाले समय में "Adani SIM" देखने को मिलेगी?