December 03, 2025
कलश यात्रा, ध्वजारोहण और शिवाभिषेक के साथ श्री रघुनाथ मंदिर फतेहाबाद में शिव महापुराण यज्ञ का शुभारंभ
शिवपुराण दिव्य रत्नों से भरा सागर है, किंतु रत्न प्राप्ति के लिए गोता लगाना होगा : स्वामी दिव्यानंद जी
फतेहााबद। श्री रघुनाथ मंदिदर फतेहाबाद में आयोजित पांच दिवसीय शिव पुराण कथा का शुभारंभ करते हुए पूज्य गुरूदेव डॉ.स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने कहा कि वेद-पुराण-शास्त्रों को रत्नाकर कहा गया है। जीवन को सजाने सवारने के लिए इसमें रत्न हैं, ज्ञानविज्ञान के सूत्र हैं। सदाचार-सद्भक्ति के जीवन सूत्र हैं। केवल सागर तट पर बैठ लहरों का आनंद नहीं लेना होता-रत्न प्राप्ति के लिए मंथन करना होता है, गोता लगाना होता है। कथा सत्संग में भी केवल कव्वालियों के मजे नहीं रहस्य भी जानने होते हैं। तभी निराशा हताशा से मुक्त हो पाएंगे। केवल बाहर का पहरावा ही भक्तों जैसा न हो, भीतर से राग द्वेष ईष्र्या, क्रोध आदि से भी मुक्त होना है। शिव यूं तो शमशान में रहते हैं किंतु इतने ठाठ से आनंद में रहते हैं, इतना तो हम बंगलों में भी नहीं रह पाते। सुविधाओं के अभाव में भी शांत जीवन क्या है, यह शिव से सीखें। शिव पास तो अभाव दिखता है क्योंकि शिव झोलियां तो सभी की भरते हैं? इस अवसर पर ध्वजारोहण के साथ पं. राकेश शर्मा द्वारा शिव अभिषेक हुआ। किट्टू बजाज, नरेश सरदाना, चंद्रभान वधवा, हंसराज ग्रोवर, नरेश निझारा, मेाहित बजाज, प्रदीप नारंग, शुभम मेहंदीरत्ता, गौतम बजाज, सुनील आहुजा, संत लाल झंडई, मोहन लाल नारंग, राकेश मखीजा, नरेंद्र चानना ने भी पूजा कर आशीर्वाद लिया।