February 12, 2026
Fatehabad News: सिस्टम से हारा इंसान! 20 हजार की रिश्वत और धमकियों से तंग आकर मांगी 'इच्छा मृत्यु', DC के सामने रोया दुखड़ा
फतेहाबाद (Media Jagat Bureau): हरियाणा में आम आदमी की सुनवाई किस हद तक अनसुनी की जा रही है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण फतेहाबाद में देखने को मिला। यहाँ सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके एक शख्स ने अब सिस्टम से हार मान ली है और जिला उपायुक्त (DC) से 'इच्छा मृत्यु' (Euthanasia) की गुहार लगाई है।
मामला फतेहाबाद जिले का है, जहाँ विकास उतरेजा नामक एक इलेक्ट्रीशियन ने प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार से परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की अनुमति मांगी है।
समाधान शिविर में पहुंची 'मौत की अर्जी' गुरुवार को जिला सचिवालय में आयोजित 'समाधान शिविर' में जब विकास उतरेजा DC डॉ. विवेक भारती के सामने पेश हुए, तो उनकी पीड़ा सुनकर हर कोई सन्न रह गया। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से अपनी पारिवारिक जमीन के इंतकाल (Mutation) के लिए धक्के खा रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
"20 हजार लिए, फिर भी किया गलत काम" विकास ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
अधिकारियों ने इंतकाल दर्ज करने के नाम पर ₹20,000 की रिश्वत ली।
रुपये लेने के बाद भी नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
जिस व्यक्ति का नाम वसीयत (Will) में नहीं था और जिसे कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था, अधिकारियों ने मिलीभगत करके उसे भी जमीन के रिकॉर्ड में शामिल कर लिया।
"शिकायत की तो मिली धमकियां" पीड़ित का आरोप है कि जब उसने इस धांधली की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, तो उसे न्याय मिलने के बजाय डराया गया। अधिकारियों ने उसे 'सरकारी काम में बाधा डालने' (Obstruction of Government Work) का झूठा केस दर्ज करवाने की धमकी दी।
"राष्ट्रपति को लिखूंगा चिट्ठी" इलेक्ट्रीशियन विकास ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ और गलत इंतकाल को ठीक नहीं किया गया, तो वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण वे आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
अब देखना यह होगा कि समाधान शिविर में मिली इस 'मौत की अर्जी' पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या विकास को न्याय मिलेगा या फाइलें फिर धूल चाटती रहेंगी?
मामला: जमीन के इंतकाल (Mutation) में धांधली।
आरोप: ₹20,000 की रिश्वत और नियमों की अनदेखी।
धमकी: शिकायत करने पर झूठे केस में फंसाने का डर दिखाया।
मांग: न्याय नहीं मिला तो इच्छा मृत्यु की इजाजत चाहिए।
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